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गुफ़ाओं और एकांत जगहों से निकल आज योग पूरी दुनिया का सरताज़ बन गया है। एकात्म मानवतावाद के दर्शन के साथ 21 जून को हर साल विश्व योग दिवस पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है। योग का मतलब है जुड़ना और योग ने ना सिर्फ हमें खुद से जुड़ने में मदद की है, बल्कि करोड़ों विश्व समुदाय को एक दर्शन और जीवन पद्धति के बहाने आपस में जोड़ दिया है।
21 जून को क्यों मनाते है योग दिवस ?
संयुक्त राष्ट्र के एलान पे 21 जून को हर साल विश्व योग दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी की अपील पे संयुक्त राष्ट्र ने 11 दिसंबर 2014 को योग दिवस मनाने पे हामी भरी। सवाल है कि आख़िर 21 जून ही क्यों ? इस दिन सूर्य धरती की दृष्टि से उत्तर से दक्षिण की ओर चलना शुरू करता है। अध्यात्मिक नज़रिए से ये संक्रमण का काल होता है और ऐसे में साधना की अहमियत पे जोर दिया गया है। माना जाता है कि इसी संक्रमण काल के वक्त आदिगुरु शिव ने योग की शिक्षा सप्तश्रृषियों की दी थी। यही वजह है कि 21 जून को ही विश्व योग दिवस मनाये जाने का फ़ैसला हुआ।
पिछले साल की तरह वशिष्ठ योग इसबार भी योग दिवस को उत्साह से मनाने को तत्पर है। मुख्य बिंदु योग दिवस की तैयारियों में :
  • अपोलो हॉस्पिटल के जरिए फ्री मेडिकल चेकअप हर दिन
  • 19 जून-रविवार से लेकर 21 जून योग दिवस तक
  • वक्त : सुबह 6-7 और योग दिवस (21जून) को 6- 7:30 तक
  • जगह: बरसाना, एस जी हाईवे, अहमदाबाद, गुजरात
रोजमर्रा की दौड़भाग से आइएं थोड़ा विश्राम लेकर सेहत और जिंदगी की सुध लें। छोटी चीजें पाने के लिए हम हर दिन बहुत तनाव लेते है, परिश्रम करते हैं, तो क्यों नहीं अपने प्यारे तन-मन की सुध लें। एक स्वस्थ शरीर ही जीवन का वास्तिवक आनंद ले सकता है
विश्व योग दिवस पे वशिष्ठ योग की तैयारी पे डीडी नेशनल न्यूज़ की एक रिपोर्ट
आइएं विश्य योग उत्सव मनाएं, जीवन को उत्सव बनाएं
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