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योग को लेकर जैसे-जैसे चर्चा गर्म हो रही है, वैसे-वैसे कई स्टूडियो अलग-अलग दावों और आकर्षण के साथ योग को सामने ला रहें हैं। कहीं पॉवर योग के नाम पे जल्दी जल्दी आसनों का मैराथन दौ़ड़ जारी है। कहीं वेट लॉस के नाम पे, आपके लीमिटेशन का ख्याल किए बगैर, आपके शरीर को वर्कआउट की आग में झोंक दिया जाता है। कही एडवांस योग की दलील पे आसन के फ्लो या एलाइनमेंट का ख्याल किए बगैर ऐसी प्रैक्टिस पे जोर है जिससे योग इन्जरी बढ़ रही हैं। वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग भी है जो पार्क में टहलना या साइकिलिंग या सड़कों पे हाफते हुए दौड़ने की प्रक्रिया को फिटनेस का महामंत्र के तौर पे पेश कर रहें हैं। क्या सचमुच फिटनेस का मंत्र इतना पेचीदा है ? क्या सचमुच फिट रहने की ऐसी क़ीमत चुकानी पड़ती है ? क्या सचमुच ‘नो पेन, नो गेन’ वाला मुहावरा योग या सेहत के दूसरे एरिया के लिए भी फिट बैठता है ? 

नो पेन, बिग गेन 

वर्कआउट के नाम पे पेन को सहते रहना जैसे हमारी नियति हो गई है। योग वर्क-आउट नहीं वर्क-इन है । योग की प्राचीन हीलिंग पद्धति वशिष्ठ योग की टीचिंग का आधार है । पतंजलि योगसूत्र में बताया गया है कि योग अभ्यास को बिना प्रयत्न या जोर लगाएं बिना करें । पतंजलि कहते है कि योग हो या जीवन, हर जगह कामयाबी के लिए लगातार और सिस्टेमेटिक तकनीक चाहिए । वशिष्ठ योग भी इस मंत्र को टीचिंग में अपनाता आ रहा है । जब हम बिना जोर लगाएं एक सिस्टम यानी सही एलाइनमेंट और साइंटिफिक सिक्वेंस में योगाभ्यास करते हैं तो ना सिर्फ रिजल्ट ज्यादा मिलता है, बल्कि गैर-जरुरी इन्जरी या चोट से हम खुद को बचाते हैं । आख़िरकार हम यहां हीलिंग के लिए आते हैं, चोट पहुंचाने नहीं

माइंडफुलनेस है हमारा मंत्र 

योग शरीर के साथ मन की चिकित्सा का भी विज्ञान है । दरअसल मन और शरीर अलग-अलग नहीं, एक दूसरे से जुड़ी इकाई है । स्वस्थ मन, स्वस्थ शरीर का राज है । ऐसे मे, हमारी प्रैक्टिस ऐसी होनी चाहिए जो हमारे शरीर, सांसों और मन के बीच में एक संतुलन लाएं । माइंडफुल प्रैक्टिस से आपको वो लाभ मिलता है जो भारी-भरकम प्रैक्टिस से कभी मुमकिन नहीं। आख़िरकार आप सिर्फ शरीर नहीं हैं । ज्यादा जोर लगाकर की गई प्रैक्टिस से आपका सूर्यनाड़ी ज़्यादा एक्टिव होता है और वो हार्ट, फेफड़े और कई आंतरिक अंगों को देर-सवेर नुक़सान करता है । वशिष्ठ योग हमेशा से ऐसी प्रैक्टिस डिज़ाइन करता रहा है जिससे सूर्य और चंद्रनाड़ी में संतुलन स्थापित हो। प्रैक्टिस में माइंडफुलनेस यानी सजगता लाएं। सहज और सजग योग अभ्यास से आपका मन वर्तमान में रहता है और तब हम तनाव को मैनेज कर पाते हैं

ग़लत अभ्यास से सही रिजल्ट कैसे ?  

योग साइंस भी है आर्ट भी। साइंस का मतलब है कि कुछ चीज़ों को उसके नियम के मुताबिक़ ही करना होगा, बिना किसी छेड़छाड़ के। योग भी साइंटिफिक प्रैक्टिस है और इसके भी कुछ नियम-कायदे है। ग़लत प्रैक्टिस कभी सही रिज़ल्ट नहीं दे सकता। अगर आप ग़लत योग अभ्यास करते आएं हैं, आपकी प्रैक्टिस की सही क्रम या सीरीज़ नहीं है, तो ये लाभ से ज़्यादा नुक़सान पहुंचा सकता है। आसन को एक सही एलाइंटमेंट में करने से उसका लाभ चौतरफा होने लगता है। साथ ही योगासन सीरीज़ सही डिज़ाइन की गई हो तो लाभ और रिज़ल्ट मिलना ही मिलना है। ज़्यादार जगह गैर-अनुभवी शिक्षक किसी भी तरह से योग को सिखा रहे हैं। लोगों को पेन होता है, लाभ की जगह परेशानियां बढ़ती है, लेकिन कुछ पाने की चाहत में ऐसे लोग खोते चले जाते हैं। नहीं योग साइंस से खिलवाड़ बंद करना होगा। बेहतर तरीक़ा है कि शिक्षक या संस्था के बारे में सही जानकारी लें। ऑफर या कुछ पैसे बचाने के चक्कर में अपनी सेहत और शरीर से खिलवाड़ या अत्याचार ना करें 

वन साइड डज़ नोट फिट ऑल 

कपड़े पहनना ज़रुरी है, लेकिन क्या हम सभी एक ही साइज़ के कपड़े पहन रहें हैं ? क्या डॉक्टर एक ही बीमारी के लिए बच्चे, जवान और बुजुर्ग को एक ही तरह के डोज़ देते हैं ? तो फिर क्यों हम सभी एक जैसी ही प्रैक्टिस योग क्लास में किए जा रहें हैं ? वशिष्ठ योग मानता है कि एक योग अभ्यास सभी के लिए फिट नहीं है। व्यक्ति की उम्र, उनकी ज़रुरतों, शरीर-मन की स्थिति जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रख प्रैक्टिस डिज़ाइन की जानी चाहिए। वशिष्ठ योग स्टूडियो के रेगुलर प्रैक्टिस में हम कई स्टूडेंट को उनके हिसाब से आसन मोडिफाइड कर बताते हैं। हर शरीर को ध्यान में रख जब प्रैक्टिस डिज़ाइन होती है तो वो नुक़सान दायक कभी नहीं होता और रिजल्ट जबर्दस्त मिलता है, क्योंकि स्टूडेंट के अंदर ये भरोसा जागता है कि वो भी अभ्यास कर सकते हैं  

वशिष्ठ की योग क्लास 

वशिष्ठ योग समाज में कई तरह की चैरिटेबल योग गतिविधियों को चला रहा है। हमने हाल ही में वाइड एंगल, अहमदाबाद स्थित योग स्टूडियो में कई योग बैच शुरु किएं हैं। सोमवार से शुक्रवार चलनी वाली योग बैच की जानकारी नीचे की तस्वीर से हासिल करें। ख़ासतौर से महिलाओं के लिए स्पेशल बैच का इंतजाम सुबह 10:30 में किया गया है, जो महिला टीचर के जरिए संचालित है। इस बैच को हमारी सीनियर टीचर और एडवांस प्रैक्टिसनर रुचा दवे जी संचालित करती हैं। 
yoga time wide angle final
याद रहें, सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं, फिटनेस कोई सौदा नहीं, जो कुर्बानी से मिलती है। सही मार्गदर्शन में लगातार किए गए अभ्यास से परम कल्याण मुमकिन
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  1. July 7, 2017

    Experience profound peace and make space to heal. Vashistha yoga moves you through a series of deeply nourishing and supportive poses helping you to release stress from both body and mind. Appropriate for all levels.

  2. September 13, 2018

    Sir m ma I apne daily routine m yog ke kuch asan ko kafi long time se karta a rha hu m yog ko dil se aur swans se karta hu but muje koi benifit nhi mil rha m kya karu?

    • September 15, 2018

      सीरीज़ में करें और आसन के करने का तरीका समझें, लाभ से वंचित नहीं रहेंगे फिर. ऊँ

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