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साधना में ऊंची उड़ान लेनी हो, लाभ ज्यादा हासिल करना हो, लंग्स की क्षमता बढ़ाना हो, सांसो को बेहतर करना हो, स्वास्थ्य में सुंदरता बढ़ाना हो, तो परशुराम प्राणायाम कपालभाति क्रिया से ज्यादा असरदार और लाभकारी है । कायदे से कपालभाति क्रिया है, कुछ लोग इसे प्राणायाम बताते है । कपालभाति क्रिया सिर्फ सफाई का कार्य करता है । प्राणायाम यानी प्राण को आयाम देना विस्तार करना,जो आपके अंदर के अद्भुत शक्ति को जाग्रित करने की क्षमता रखता हो वह प्राणायाम है ।

परशुराम प्राणायाम क्यों कपालभाति क्रिया से बेहतर 

कपालभाति क्रिया में सांस लेना छोड़ना दोनो क्रिया फोर्सफुली होता है जिसकी वजह से शरीर में पूरी तरह से प्राण ना पहुंचने के कारण हमारे शरीर में जो हजारों छिद्र बैलून है उसको पूरी तरह से प्राण नहीं मिल पाता तो शरीर को ज्यादा लाभ नहीं मिलता है । योग कहता है जब हम देर तक सांस छोड़ते हैं तब हमारी चंद्रनाड़ी जग्रित होती है जिसको साइंस ने आज पारा सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम कहा और जितनी हमारी चंद्रनाड़ी जाग्रित होगी उतना हमारे अंदर रिलैक्सेशन, शांति आएगी, इसलिए जब आप कोई काम निपटा लेते हैं तो बोलते हैं ओह यह कार्य हो गया, कोई थक रहा है या दौड़ता है तो सांस छोड़ता है हम जितना लंबा सांस छोड़ेंगे हमारे अंदर उतनी ही शांति आएगी । स्लो ब्रीदिंग जैसे अनुलोम-विलोम या नाड़ी शोधन में कहते हैं कि जितना सांस लेते हैं उससे दो गुणा छोड़ें जैसे 5 सेकंड लें तो 10 सेकंड छोड़ें जो कि कपालभाती में एसा जरा सा भी देखने को नहीं मिलता इसकी तुलना में परशुराम प्राणायाम बहुत लाभकारी है।

स्लो ब्रीदिंग क्यों जरुरी  

योग बहुत प्रैक्टिकल चीज है आप अभ्यास कीजिए और अनुभव कीजिए यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि जब हम डीप ब्रीडिंग करते हैं और सांसो को लंबे समय तक छोड़ते हैं तो ऑक्सीजन भरता है और शरीर के सभी चेंबर लेंस का उपयोग होता है । वह अंग जो हमारा आंतरिक अंग है वह ज्यादा प्राण उर्जा लेगा तभी ज्यादा शरीर को दे पाएगा, हर अंग को पहुंचा पाएगा इसलिए स्लो प्राणायाम बहुत जरूरी है । 

कैसे करें प्रारंभिक अभ्यास 

शुरुआत में यदि परशुराम प्राणायाम समझ में ना आए तो वशिष्ठ प्राणायाम को करें फिल धीरे धीरे परशुराम प्राणायाम को करने की कोशिश करें । परशुराम प्राणायाम आपके लंग्स के कैपेसिटी के साथ-साथ अवगुणों को नाश करेगा जिस प्रकार परशुराम ने गलत लोगों को साफ किया था उसी प्रकार परशुराम प्राणायाम अभी का भी यही कार्य है शरीर की गंदगी को साफ करना दमन करना । वशिष्ठ योगाश्रम से बता रहे हैं योगगुरु धीरज जी विस्तार से समझें और सही चीजों का अभ्यास कर अपने को स्वस्थ करें
 
नमस्ते ऊँ 
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